हादसा, दर्द और अपनी किस्मत से लड़कर अरुणिमा सिन्हा ने हासिल की है बुलंदी, जानिए खास बातें

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जिंदगी में जब बुरा दौर आता है तो कुछ लोग इसे अपना नसीब मानकर हार मान लेते हैं. वहीं कुछ लोग इससे लड़ते हैं और मिसाल बन जाते हैं. ऐसी ही साहस, जज्बे और बहादुरी की मिसाल हैं अरुणिमा सिन्हा, जिन्होंने कुछ गुंडों के कारण अपना पैर खो दिया लेकिन इसके बावजूद कुछ ऐसा कर गुजरीं कि हर एक के लिए मिसाल बन गई हैं.

(फोटो: फेसबुक)

आइए जानते हैं अरुणिमा के बारे में कुछ बेहद खास बातें:

वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं अरुणिमा सिन्हा

29 साल की अरुणिमा सिन्हा राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं. सिन्हा उत्तर प्रदेश के आंबेडकरनगर की रहने वाली हैं. फिलहाल, उनके नाम पर दिव्यांग होने के बावजूद दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर चढ़ाई करने रिकॉर्ड है. साल 2011 में उनकी जिंदगी में कुछ ऐसा हुआ था जिसने अरुणिमा सिन्हा की पूरी दुनिया ही बदलकर रख दी.

चलती ट्रेन से गुंडों ने फेंक दिया था नीचे

(फोटो: फेसबुक)

वॉलीबॉल की खिलाड़ी अरुणिमा, 12 अप्रैल 2011 को सीआईएसएफ में भर्ती के सिलसिले में लखनऊ से दिल्ली ट्रेन से जा रही थीं. इस दौरान वो ट्रेन के जनरल कोच में थी. बीच रास्ते में कुछ बदमाशों ने उनकी सोने की चेन खींचने का प्रयास किया. अरुणिमा ने पूरी बहादुरी से उनका मुकाबला किया, गुस्साए बदमाशों ने उन्हें चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया. इस हादसे में अरुणिमा को अपना एक पैर गंवाना पड़ा वहीं दूसरे पैर में रॉड डाला गाया.

कुछ कर दिखाने का कर लिया फैसला

अरुणिमा सिन्हा को दिल्ली के एम्स में चार महीने तक भर्ती रखा गया, मीडिया में दिए गए कई इंटरव्यूज के मुताबिक यहीं पर उन्होंने फैसला लिया कि वो जिंदगी में कुछ कर के दिखाएंगी, विकलांगता उनका नसीब नहीं बन सकती. अरुणिमा के इस काम में उनके परिवार वालों का पूरा सहयोग था. यहां तक की उनके जीजा ने सीआरपीएफ की अपनी नौकरी तक छो़ड़ दी और अरुणिमा को ट्रेनिंग में मदद करने लगे.

आज अरुणिमा सिन्हा ने हासिल किए हैं ये उपलब्धियां

(फोटो: इंडिया टुडे)

इतने बड़े हादसे के महज दो साल के भीतर उन्होंने माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया और बना दिया नया रिकॉर्ड. एवरेस्ट के अलावा अरुणिमा ने अपने पैरों के दम पर माउंट अकोंकागुआ (दक्षिण अमेरिका), माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका), माउंट कोजिअस्को (आस्ट्रेलिया), , माउंट एलब्रस (यूरोप) और कारस्टेन्ज पिरामिड (इंडोनेशिया) की चढ़ाई कर ली है. अब उनकी मंजिल है अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी ‘एवरेस्ट-विंसन मासिफ’ को जीत लेना.

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