BJP का घोषणापत्र क्या हड़बड़ी में बना? महिलाओं के खिलाफ ऐसी बात क्यों लिख दी गई?

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8 अप्रैल को बीजेपी ने अपना घोषणापत्र जारी किया. इस घोषणा पत्र में तमाम वादों और ऐलानों के बीच कई ऐसी खामियां भी हैं, जो सुर्खियां बनी हुई हैं. घोषणापत्रा में सबसे बड़ी गलती ये सामने आई कि महिला सशक्तिकरण वाले सेक्शन में भूल से लिख दिया गया कि ‘महिलाओं के खिलाफ अपराध करने के लिए कड़े नियम कानून का प्रावधान लाया जाएगा.’ अब सोचिए कि देश की सबसे बड़ी पार्टी और मशीनरी का दावा करने वाली बीजेपी इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकती है.

फोटो-ट्विटर

सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुई बीजेपी

सोशल मीडिया की नजर से कुछ छिप नहीं सकता. जैसे ही ये खामी उजागर हुई. बीजेपी और उसके घोषणापत्र की ट्रोलिंग शुरू हो गई. कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल ने भी इस गलती को ट्वीट कर लिखा, ‘बीजेपी मैनिफेस्टो में कम से कम एक प्वाइंट उनके इरादों को दर्शाता है.’

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जब एक गलती सामने आई तो कई यूजर दूसरी गलतियां भी निकालने लगे जैसे घोषणापत्र में ‘विद्यालय’ शब्द को एक ही सेंटेंस में दो तरह से लिखा गया है. ‘ट्रायल (trial) ऑफ रेप’ को ‘ट्रेल (trail) ऑफ रेप’ लिखा दिया गया है.

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क्या हड़बड़ी में बनाया गया है संकल्प पत्र?

बीजेपी और कांग्रेस के घोषणापत्र की तुलना करें तो एक चीज साफ दिखती है कि कांग्रेस ने जहां पूरा समय लेकर और कई लोगों से बातचीत कर अपना घोषणापत्र तैयार किया है, और ये चीज उनके घोषणापत्र में दिखता भी है. वहीं बीजेपी का घोषणापत्र चुनाव के महज 3 दिन पहले आया, वादों के नाम पर कई बार ‘प्रयास करेंगे’ जैसी चीज लिखी मिलती है. साथ ही 2025, 2032 जैसी डेडलाइन भी दी गई है. ऐसे में कई ट्विटर यूजर्स का मानना है कि इस बार बीजेपी ने शायद हड़बड़ी में ही ये घोषणापत्र तैयार कर डाला है.

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