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रजनी पंडित हैं देश की पहली महिला जासूस, जानिए उनके सफर की हर खास बात

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हमेशा पुरुष जासूसों के बारे में सुन सुनकर ऐसा लगता है कि क्या महिलाएं भी बेहतरीन जासूस हो सकती हैं. इसका जवाब हैं हां, और Centre Women आज आपको एक ऐसी शख्सियत से मिलाने जा रहा है जिसे देश की महिला डिटेक्टिव होने का गौरव प्राप्त है. आइए जानते हैं इस गजब महिला जासूस के बारे में जानते हैं सबकुछ-

रजनी पंडित

रजनी पंडित हैं देश की पहली महिला जासूस

महाराष्ट्र की रहने वाली 47 साल की रजनी पंडित को देश की पहली महिला जासूस होने का गौरव प्राप्त है. रजनी का मानना है कि कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां महिलाएं काम कर सफलता हासिल नहीं कर सके.

रजनी 1991 से चलाती हैं डिटेक्टिव एजेंसी
सिर्फ 19 साल की उम्र में साल 1991 में उन्होंने रजनी पंडित डिटेक्टिव सर्विसेस’नाम की एजेंसी बना ली थी. आज इस एजेंसी में 20 लोग काम करते हैं. एजेंसी ने अब तक 70 हजार से अधिक केस हल कर लिए हैं. फिलहाल देश के अलावा विदेशों में भी रजनी के कस्टमर हैं.

अपने दोस्त का केस सबसे पहले किया सॉल्व ?

कॉलेज के दौरान रजनी की एक दोस्त गलत संगत में फंस गई. उस लड़की ने नशा करना भी शुरू कर दिया, कुछ खराब प्रवृत्ति के लड़कों के साथ रहने लगी. रजनी को ये देखकर बुरा लगा,

रजनी ने बेहद चलाकी से बहाना बनाते हुए उसी लड़की से उसके घर का नंबर लिया और उस लड़की के घर पहु्ंच गई. इस दौरान रजनी ने बहाना बनाया था कि उन्हें उस लड़की को गिफ्ट देना है. घर पहुंचकर उसके परिवार वाले को लड़की के बिगड़ने वाली सारी बात बता दी, घर वाले आश्चर्य में पड़ गए कि एक लड़की ने कितनी चालाकी से ये नेकी का काम किया है और पूछ बैठे कि बेटा तुम जासूस हो क्या ? रजनी ने उसी दिन तय कर लिया की उसे जासूस बनना है.

रजनी के पिता थे उनके रोल मॉडल

रजनी के पिता सीआईडी में तैनात थे, उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या के केस में काम किया था. शायद इसी चीज ने रजनी को डिटेक्टिव बनने की तरफ आगे बढ़ाया हो. आपको बता दें कि रजनी ने शादी नहीं की है और अपने पेशे को ही अपना हमसफर बना लिया है.

ताने देते थे जानने वाले

कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रजनी बताती हैं कि लोग उन पर ताने कसते थे. कहते थे कि किसी और काम के लायक नहीं है इसलिए ये जासूस बनने चली है. महिला होने के नाते भी उन्हें दूसरों की सुननी पड़ती थी. रजनी का कहना था कि उन्हें अखबारों में विज्ञापन तक छपवाने में दिक्कत आती थी.

पत्रकार के केस से सुर्खियों में आईं रजनी

एक बार रजनी ने एक पत्रकार की किसी केस में मदद की थी. जिसके बाद उस पत्रकार ने रजनी के बारें में एक लेख लिया था. इस लेख से मीडिया और दूसरे लोगों का ध्यान उन पर गया, और अखबार में विज्ञापन छपवाने में मशक्कत करने वाली रजनी को इंटरव्यू के लिए लोग बुलाने लगे.

कभी भिखारी तो कभी नौकरानी

रजनी ने अपने करियर में हजारों केस सुलझाएं हैं कभी घरों में नौकरानी बनकर तो कभी भिखारी बनकर. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक केस सुलझाने के लिए रजनी भिखारियों के साथ कई दिन तक रहीं थी. एक केस में वो 6 महीने तक एक घर की नौकरानी बनकर रही थीं.

रजनी का ये किस्सा काफी दिलचस्प है

जिस केस में रजनी नौकरानी बनकर 6 महीने तक रही थी. उसमें एक महिला ने अपने ही पति और बेटे की हत्या जायदाद के लिए कर दिया था. महिला के ससुराल वालों ने रजनी को केस सुलझाने के लिए बुलाया और रजनी ने उसी घर में नौकरानी बनकर साजिश का पर्दाफाश कर दिया.

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