Indian Air Force का पहला वायुयान कराची में किया गया शामिल, ऐसे ही फैक्ट्स यहां जानिए

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आपको जानकर शायद अचरज हो कि भारतीय वायुसेना का पहला वायुयान कराची में शामिल किया गया था. जी हां आजादी के पहले साल 1933 में इंडियन एयर फोर्स की नंबर 1 स्क्वाड्रन की फ्लाइट ‘ए’ का गठन कराची में हुआ. शांति के पक्षधर भारत वासियों की रक्षा के लिए तेजी से बदल रहीं परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं. सेना को घात लगा कर हमला करने वाले शत्रुओं से खास तौर पर अलर्ट रहना होता है. बात कॉन्वॉय एस्कॉर्ट की हो, बॉर्डर की चौकसी की हो या फिर अदृश्य पनडुब्बी से चौकन्ना रहने की. इन सभी मामलों में भारतीय वायु सेना ने अपनी स्मार्टनेस बखूबी साबित की है

वायु सेना की इन बातों पर होगा आपको फक्र

भारतीय सेना ने जल-थल और वायु तीनों ही मामलों में अपनी काबलियत का लोहा मनवाया है. आधुनिक संसाधनों से लैस भारतीय वायुसेना दुनिया की टॉप फोर्सेस में से एक है. पाकिस्तान के नापाक मंसूबे आतंकियों पर की गई इंडियन एयरफोर्स की कार्रवाई चर्चा का केंद्र रही. इंडियन एयरफोर्स ने जिस गुपचुप तरीके से ताबड़तोड़ अंदाज में बालाकोट के आतंकी ठिकानों को तबाह किया उससे इंडियन आर्मी की हिस्ट्री में, गर्व किया जा सकने वाला एक और चैप्टर दर्ज हो गया हालांकि चंद मिनटों का यह स्पेशल मिशन इंडियन सोल्जर्स की सालों की तपस्या का नतीजा है.

पहले और अब में क्या आया है फर्क

फोटो- ट्विटर/ इंडियन एयरफोर्स

अंग्रेजों के समय की एयरफोर्स और मौजूदा वायुसेना में काफी बदलाव आया है. आजादी के पहले वायुसेना के पास गिनती के चंद वापिती विमान ही थे. लेकिन भारत की सरहद की सुरक्षा करने वाली एयर फोर्स में आज एक से बढ़कर एक तेज-तर्राट, टोही और लंबी दूरी तक मारक क्षमता में सक्षम छोटे-बड़े हवाई विमान मौजूद हैं. इंडियन एअर फोर्स की ताकत के बारे में हम आगे जानेंगे लेकिन इसके पहले एक नजर भारतीय वायुसेना की हिस्ट्री पर.

स्वतंत्र भारत के पहले

इंडिपेंडेंट इंडिया के पहले आरएएफ यानी रॉयल एयर फोर्स के तीन एयर चीफ रहे सर थॉमस एमहर्स्ट, सर रोनाल्ड ई चैपमैन और सर अर्नेस्ट गिब्स. इन्होंने बतौर एयर मार्शल वायुसेना को गाइड किया. इनमें से सर थॉमस एमहर्स्ट ने आजादी के आंदोलन के बाद भारत-पाकिस्तान विभाजन के संघर्ष के बीच भारतीय वायुसेना को फिर आकार देने में इंडियन एयर फोर्स की काफी मदद की इन्होंने ही इस बात पर जोर दिया था कि स्वतंत्र राष्ट्र भारत की वायु सेना भी किसी अन्य इकाई की सहायक होने के बजाय स्वतंत्र यूनिट के तौर पर देश की सेवा करे.

फोटो- इंडियन एयरफोर्स ट्विटर

भारत के पहले एयर मार्शल

भारतीय वायुसेना के पहले एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी के बिना वायुसेना का इतिहास अधूरा है. आजादी के पहले की भारतीय वायुसेना में अंग्रेजों के मातहत रहे मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत में इंडियन एयर फोर्स की नींव रखी. मुखर्जी ने आजादी से पहले से लेकर बाद तक भारतीय वायुसेना को आकार देने में इम्पोर्टेंट रोल निभाया. युद्धकाल में मुखर्जी ने अपने सैन्य कौशल से देशवासियों के मस्तक को शान से ऊंचा कर दिया.

कराची में बनी फ्लाइट ‘ए’

आपको जानकर शायद अचरज हो कि भारतीय वायुसेना का पहला वायुयान कराची में शामिल किया गया था. जी हां आजादी के पहले साल 1933 में इंडियन एयर फोर्स की नंबर 1 स्क्वाड्रन की फ्लाइट ‘ए’ का गठन कराची में हुआ.

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