इसलिए दर्ज हुई आधी आबादी की ताकत, ऑक्सफोर्ड बताएगा दुनिया को ‘नारी शक्ति’ के ये मायने

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आधी आबादी यानी नारी की ताकत को खास पहचान मिली है। भारत के अलावा देश-दुनिया के लोगों को नारी शक्ति के असल मायने पता चल सकेंगे। इस काम में मदद करेगी ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी। मतलब एक बार फिर भारतीयों ने नारी के प्रति सम्मान की सोच का दुनिया भर में डंका बुलंद किया है।

प्रचलित भारतीय शब्द ‘नारी शक्ति’ को अब ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में सर्व मान्य शब्द के रूप में अधिकृत रूप से दर्ज कर लिया गया है। हिंदी वर्ड ऑफ द ईयर के रूप में इस साल ‘नारी शक्ति’ शब्द को शामिल किया गया। भारत में साल 2018 में नारी शक्ति शब्द सबसे अधिक प्रचलित होने के कारण ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने इस शब्द को शब्दकोश में शामिल किया।

ऐसे हुई शुरुआत

सोर्स- न्यूज़-18

ऑक्सफोर्ड ने यह परंपरा पहली बार 2017 में शब्द ‘आधार’ को हिंदी वर्ड ऑफ ईयर 2017 के तौर पर डिक्शनरी में शामिल करके शुरू करके की थी। इस दौर में आधार कार्ड के प्रचलन में आने के कारण यह शब्द देश-दुनिया की ज़ुबान पर था।


इन शब्दों को अहमियत

ऑक्सफोर्ड की जानकारी के मुताबिक ‘हिंदी वर्ड ऑफ दि ईयर’ बतौर उस शब्द को चुना जाता है, जो पूरे साल लोगों के कार्य-व्यवहार में लिखित, अंकित या मौखिक रूप से चलन में रहता है।


ये है मतलब

डिक्शनरी में दर्ज नवीनतम जानकारी के मुताबिक नारी शक्ति शब्द का उदय संस्कृत से हुआ है। साथ ही इस शब्द के बारे में विस्तृत जानकारी दर्ज की गई है। जिसका समय-समय पर विस्तार किया जाएगा।


क्या है खास-खास-

बीते साल 2018 में केंद्र सरकार के कुछ अहम कदमों से नारी शक्ति शब्द ने सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया। इस कारण इस वर्ड को शब्दकोश में शामिल करने की जानकारी दी गई। जानकारी के अनुसार कुछ खास मुद्दों के कारण भी इस शब्द को खास तरज़ीह दी गई। खास मुद्दों पर एक नज़र-

  • अव्वल तो ‘बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ’ मुहिम से नारी शक्ति का नारा बुलंद हुआ।
  • साल 2018 में 12 साल से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को फांसी का प्रावधान नारी सुरक्षा की दिशा में बड़ा फैसला रहा।
  • अबला नहीं सबला के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा बीते सालों में महिला अधिकारों से जुड़े कानूनों को सशक्त कर नए कानून लागू करने की दिशा में काम करना भी इसकी एक खास वज़ह है।
  • नारी शक्ति शब्द तब सबसे ज्यादा चलन में आया जब सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक पर अति महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।  
  • केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री भी देश में चर्चा में रही। इस मुद्दे के कारण भी नारी शक्ति को लेकर लोगों की अपनी-अपनी राय है।
  • मीटू कैंपेन के जरिए भी महिलाओं के अधिकारों और उनको सबला बनाने की दिशा में काफी मंथन लगातार जारी है।
  • बीते साल मार्च 2018 में इंटरनेशनल वीमेंस डे पर भारत में नारी शक्ति पुरस्कार की घोषणा हुई। साथ ही पूरे देश ने वीमेंस पॉवर पर मुखर होकर अपनी राय रखी।
  • परेड में पहली बार पुरुषों की अगुवाई करती नजर आई महिला सैनिक से लेकर मणिकर्णिका के जरिए वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई से जुड़ा इतिहास भी एक बार फिर चर्चा में है।

नारी सम्मान पर भारतीय विचार हमेशा मुखर रहे हैं। नारी शक्ति शब्द भले ही अब ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी टीम को समझ आया होगा लेकिन भारत के लिए वीमेंस पॉवर और राइट्स के मायने ज्यादा नए नहीं हैं। जानने के लिए भारत में महिलाओं के मान-सम्मान की परंपरा पर आपको बस गहराई से पड़ताल करने की मात्र जरूरत है। मुद्दे पर अपने विचार हमारे साथ जरूर साझा करें।

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