Child Sexual Abuse के खिलाफ मेघा की आवाज, Our Voix के जरिए बच्चों को दे रही हैं शिक्षा

Teacher's Day Special, Welfare, Welldone

बच्चों का मन बहुत ही कोमल होता है. उनके मन में अगर किसी बात का डर बैठ जाए तो उसे निकालना मुश्किल हो जाता है. समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं जो बच्चों के भोलेपन का नाजायज फायदा उठाते हैं. कई बार उनके मन को ऐसी चोट पहुंचाते हैं जो उनकी पूरी जिंदगी पर बुरा असर डालती है.  Our Voix यानि हमारी आवाज 24 साल की मेघा भाटिया इसी के खिलाफ बच्चों को जागरुक करने का काम कर रही है.

अकसर बहुत से लोग विदेश से पढ़ाई करके आने के बाद अच्छा पैसा और करियर देखते हैं. लेकिन लंदन से आने के बाद मेघा ने बच्चों की जिंदगी के उस पहलू को जानने और संवारने की कोशिश की जिसके बारे में लोग जानते तो हैं लेकिन मानना नहीं चाहते. जनवरी 2018 से लेकर अब तक अपने NGO ‘Our Voix’ के जरिए मेघा 4000 बच्चों के लिए वर्कशॉप कर चुकी हैं.

मेघा ने की Centre Women से बातचीत-

हमसे बात करते हुए मेघा ने बताया कि सेक्स एजुकेशन पर कोई बात नहीं करना चाहता. लगभग हर व्यक्ति के साथ कुछ ना कुछ तो हुआ होगा. भले ही किसी ने कुछ गलत शब्द बोले हों. लेकिन इस पर सब चुप रहते हैं. बहुत से लोग नहीं जानते कि बच्चों के साथ भी गलत हो सकता है.

वर्कशॉप में अच्छे से समझते हैं बच्चे

मेघा के मुताबिक बच्चों की अपेक्षा बड़ों को समझाना ज्यादा मुश्किल है. बच्चे फिर भी जल्दी समझ जाते हैं. बड़ों को लगता है कि वो सब चाहते हैं. वर्कशॉप में पहले हमारे लिए बच्चों को प्राइवेट पार्ट्स के नाम भी समझाना जरूरी होता है. बच्चों को बॉडी पार्ट्स जरूर सिखाए जाते हैं लेकिन इनके बारे में जानकारी नहीं दी जाती.

दूसरा हम बच्चों से पूछते हैं कि अगर आपके साथ कुछ गलत हो तो आप क्या करोगे? बच्चे कहते हैं कि हम टीवी के नीचे छुप जाएंगे. हम दरवाजा बंद कर लेगें. लेकिन हम उन्हें समझाते हैं कि आपको छुपाना नहीं है. आपको तुरंत अपनी मां से बताना है. हम उन्हें समझाते हैं कि वो किस पर भरोसा कर सकते हैं, कैसे भरोसा कर सकते हैं. हेल्पलाइन नंबर क्या है. बच्चों को नहीं पता होता कि 1098 पर आप फोन कर के इसके बारे में बता सकते हो. हम उन्हें इससे बचना सिखाते हैं ना कि छुपना.

पेरेंट्स की भी होती है वर्कशॉप-

बच्चों के साथ-साथ हम माता-पिता के लिए भी वर्कशॉप करते हैं. अक्सर जब बच्चे पेरेंट्स को बताते हैं कि उनके साथ किसी ने गलत किया है तो वो बच्चों को ही मारने लगते हैं. बच्चे अपने माता-पिता से ये बात शेयर नहीं करते. उनके अंदर एक डर होता है. माता-पिता को दोस्त की तरह अपने बच्चे से बात करनी चाहिए. ताकि अगर उसके साथ कुछ गलत हुआ है या किसी ने गलत करने की कोशिश की है तो वो उन्हें ही आकर बताएं. बच्चों के साथ गलत हरकत करने वालों में ज्यादातर जान पहचान के लोग होते हैं. माता-पिता कई बार इस मामले में चुप्पी रख लेते हैं.

क्या है मेघा का लक्ष्य-

बड़ों और बच्चों को समझाने के लिए हमने मॉड्यूल्स तैयार किए. हमने अब तक 4 महीने में 4000 बच्चों से बात की है. हमने अब तक 75+ वर्कशॉप की हैं. हमें जुलाई, अगस्त और सितंबर में 90 स्कूलों में वर्कशॉप करनी है और 18000 बच्चों से बात करनी है. हम पब्लिक स्कूलों में भी वर्कशॉप कर रहे थे अब सरकारी स्कूलों में भी करेंगे.

http://www.ourvoix.com/

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