दाहिना हाथ ठीक से काम ना करने के बावजूद इस लड़की ने दुनिया को अपने कदमों पर झुका दिया!

People, Welldone

हमारे देश में आज के समय में भी कम लोग ही महिला ड्राइवर्स की कल्पना कर पाते हैं. 21 साल की छोटी सी उम्र में ड्राइवर बनने के बारे में शायद ही कोई लड़की सोचती होगी. लेकिन रागिनी गौर ने ना ही ड्राइविंग करना शुरू किया बल्कि अपनी हिम्मत से सबको चौंका दिया.

16 साल की उम्र में रागिनी के दाहिने हाथ में कार एक्सिडेंट के कारण भयानक चोट लग गई थी. घाव इतना गहरा था कि बीच की दो उंगलियों की नस फट गई थी. आसपास के लोगों ने कहना शुरू किया कि अब वो कुछ कर नहीं पाएंगी. लोग कहते थे कि रागिनी ड्राइविंग सीखने गई होगी इसलिए एक्सीडेंट हुआ. बल्कि सच्चाई ये थी कि वो अपने Cousins के साथ घूमने निकली थीं. उसी दौरान ये हादसा हो गया. यही बात रागिनी ने एक चैलेंज की तरह स्वीकार की. रागिनी ने ठाना की वो अब ड्राइविंग ही सीखेंगी.

आजाद फाउंडेशन से इन्होंने ड्राइविंग का कोर्स किया. फिर 4 महीने एक जगह पर्सनल ड्राइवर रहीं. इसके बाद इन्होंने UBER में काम करना शुरू किया. पहली बार जब रागिनी अपनी UBER कार लेकर घर के सामने पहुंची तो उसी लम्हे ने उनके आसपड़ोस के लोगों का मुंह बंद कर दिया. जो लोग उनको ताने देते थे उनके मुंह पर ताला लग गया. ड्राइविंग सीखने के कारण रागिनी के घरवाले भी उनसे कुछ खफा थे लेकिन बाद में सब मान गए.उनसे कोई नहीं कह सकता कि वो जिंदगी में कुछ नहीं कर सकतीं.

किसी और नौकरी की तरह ही रागिनी की भी नौकरी है. हफ्ते में किसी भी दिन छुट्टी मिल जाती है. वो दिल्ली-NCR में रात के 12-1 बजे तक गाड़ी चलाती हैं. कैब में GPS के साथ कैमरा लगा हुआ है और हर तीन घंटे पर ऑफिस से उनका हाल-चाल लिया जाता है. पूरे दिन में ज्यादा से ज्यादा 8 घंटे काम करना होता है.

जब उनसे पूछा गया कि अगर बीच रास्ते में गाड़ी खराब हो जाए तो आप क्या करेंगी? उन्होंने बहुत ही सरलता से कहा कि हम गाड़ी को भी ठीक करना जानते हैं. ड्राइविंग सीखने के दौरान उन्हें गाड़ी का टायर बदलना, बैटरी चेंज करना, तेल चेक करना इत्यादि सिखाया जाता है.

रागिनी को इस काम में मजा आता है. इन्होंने कहा, “ये बात सच है कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. मुझे ये तब समझ आया जब मैनें खुद कोशिशों से अपनी राह तय की.”

Comments

comments

Leave a Reply