शहीद दिवस

शहीद दिवस: शहीद भगत सिंह की जान बचाने वाली उनकी ‘पत्नी’ के बारे में जानते हैं आप?

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महज 23 साल की उम्र में देश के लिए शहादत हासिल कर चुके शहीद भगत सिंह की जिंदगी एक मिसाल है. भारत-पाकिस्तान का शायद ही कोई ऐसा बंदा जिसे भगत सिंह की शहादत पर गर्व नहीं हो. जिंदगीभर शादी से भागने वाले भगत सिंह की एक ‘पत्नी’ भी थीं. जिन्होंने भगत सिंह की जान बचाई थी. शहीद दिवस पर इस बारे में जानिए खास बातें

दुर्गा देवी वोहरा (फोटो-InUth.com)

दुर्गा देवी वोहरा बनीं थी शहीद भगत सिंह की पत्नी

शहीद भगत सिंह की शादी नहीं हुई थी. लेकिन भगत सिंह की जान दुर्गा सिंह वोहरा नाम की महिला ने बचाया था. इस दौरान दुर्गा वोहरा, भगत सिंह की पत्नी बनीं थी जिससे अंग्रेजों को झांसा दिया जा सके.

दुर्गा देवी ने कैसे बचाई भगत सिंह की जान

वो दौर था जब लाला लाजपत राय की मौत से पूरा देश गुस्से में थे. भगत सिंह ने लाजपत राय की मौत का बदला सांडर्स की हत्या करके लिया. साल 1927 में भगत सिंह ने अपने साथी राजगुरु के साथ मिलकर ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स को लाहौर में ढेर कर दिया. ब्रिटिश पुलिस लगातार भगत सिंह को ढूंढ रही थी.

ऐसे में अंग्रेजों की नजर से बचने के लिए भगत सिंह के साथियों ने एक क्रांतिकारी महिला दुर्गा देवी वोहरा को भगत सिंह की पत्नी बनाकर पेश करने का फैसला किया.

भगत सिंह ने बदल लिया भेष

भगत सिंह ने अपना भेष बदल लिया वो एंग्लो-इंडियन लुक में आकर अंग्रेजों से बच निकले, इसमें दुर्गा देवी ने उनका भरपूर साथ दिया. दुर्गा के 3 साल के बेटे भी थे. ऐसा दिखाने की कोशिश की गई कि वो भगत सिंह का पूरा परिवार है. इतनी होशियारी से दुर्गा देवी ने इस किरदार को निभाया कि कई बार अंग्रेजों की चेकिंग के दौरान भी भगत सिंह-दुर्गा देवी का भेद नहीं खुल सका और दुर्गा देवी की चालाकी और साहस से भगत सिंह की जान बच गई.

कौन थीं दुर्गा देवी वोहरा?

दुर्गा देवी वोहरा, भगत सिंह के ही क्रांतिकारी संगठन के कार्यकर्ता भगवती चरण वोहरा की पत्नी थीं. दुर्गा भी आजादी के लिए लगातार संघर्ष कर रही थीं. आजादी के बाद दुर्गा देवी कई दशकों तक उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रहीं, साल 1999 में उनका देहांत हो गया.

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