ये कैसी प्रथा? एक ही परिवार के कई भाईयों से होती है एक ही युवती की शादी!

WakeUp

इससे पहले आपने महाभारत में ही पढ़ा होगा की एक ही महिला ने 5 भाईयों से शादी की थी. लेकिन कई रीति-रिवाजों वाले इस देश में अब भी कुछ ऐसी प्रथाएं हैं जो आपको महाभारत काल की याद दिला सकती हैं. 21वीं सदी में अगर ये प्रथा है कि किसी लड़की की शादी किसी एक परिवार में रहने वाले सभी भाइयों से हो तो ये कैसी प्रथा होगी आप सोच सकते हैं. आइए जानते हैं देश के एक ऐसे ही गांव और उसकी प्रथा-कुप्रथा के बारे में:

(फोटो: Daily Mail)

हिमाचल प्रदेश का किन्नौर की प्रथा

हिमाचल प्रदेश की कई ऐसी प्रथाएं और रीति रिवाज हैं जो अपने आप में बेहद खास हैं कुछ ऐसी भी हैं जिन्हें अजीब कहा जा सकता है. ऐसी ही एक प्रथा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में बहुपति विवाह की है. ऐसी शादियों में एक ही परिवार में युवती के एक नहीं की पति होते हैं. चौंकाने वाली बात ये भी है कि ये सभी पति एक ही परिवार के सदस्य होते हैं.

एक ही छत के नीचे एक पत्नी कई पति

एक ही परिवार में जब कई सदस्यों की एक ही पत्नी होगी तो आप सोचते होंगे कि नजारा क्या होगा. ऐसे युवतियां पूरी जिंदगी कई पतियों के साथ गुजार देती हैं. अगर इनमें से किसी एक की मौत होती है तो युवती का इसका शोक नहीं मनाने दिया जाता है. ये प्रथा भी अपने आप में कुछ अलग ही है.

क्या है इसके पीछे मान्यता?

कई दशकों से चली आ रही इस प्रथा के पीछे महाभारत कनेक्शन है. कहा जाता है कि महाभारत काल में पांडव द्रोपदी और कुंती के साथ किन्नौर जिले में आए थे और सर्दियों में काफी दिन तक यहीं रूके हुए थे. ऐसे में पांच पांडव की एक द्रोपदी की तर्ज पर ये प्रथा आज भी चलती आई दिख रही है. इसे यहां घोटु प्रथा के नाम से जाना जाता है.

टोपी और पति-पत्नी के संबंध

अब आप ये भी सोच रहे होंगे कि आखिर शादी और दूसरे संबंधों को ये कैसे निभा पाते होंगे. इस प्रथा को मानने वालों ने अपने अलग नियम-कानून बनाए हैं. शादी के बाद पूरा वैवाहिक जीवन एक टोपी पर भी निर्भर करता है. दरअस, जब कोई भी भाई, पत्नी के साथ कमरे में गया होता है तो वो अपनी टोपी बाहर रख देता है . ऐसे में दूसरा भाई इस इशारे को समझ जाते हैं, कमरे के बाहर टोपी तब तक रहती है जब तक अंदर गया हुआ भाई बाहर नहीं आ जाता. ऐसे में आप सोच सकते होंगे कि ऐसी प्रथाओं में महिलाओं की स्थिति क्या होगी.

महिलाएं होती हैं मुखिया?

इस प्रथा में शादी के दौरान सभी भाई, दूल्हे के तौर पर आते हैं. इस इलाके की खास बात ये है कि यहां महिलाएं ही घर की मुखिया होती हैं, इन्हें ‘गोयने’ कहा जाता है. महिलाएं इस इलाके में अपना गम या नाराजगी भुलाने के लिए गाने गाती हैं. खैर जैसी भी है ये प्रथा, ये भारत की विविधता का एक और नमूना है.

ये भी जानें: ये है 14 फर्जी बाबाओं की लिस्ट, इनमें से ये 5 तो देश की हर महिला के लिए अपराधी हैं

Comments

comments

Leave a Reply